Agraj Natya Dal
Mangal Se Mahatma

मंगल से महात्मा
1993 में कॉलेज में पढ़ रहे कुछ युवकों ने नाट्य कला शैली में कुछ करने की सोची और इस सोच के फल स्वरूप अग्रज नाट्य दल की स्थापना की गई।
In 1993 some college students decided they wanted to something in the field of theater and as a result Agraj Natya Dal was founded.

नाट्य कला में विविध आयाम के विकास के उद्देश्य को लेकर संस्था को 1996 में पंजीकृत कराया गया। आज अग्रज नाट्य दल ने इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियों के लिये अपना अलग स्थान बना लिया है।
The organization was registered in 1996 to give their activities a boost and develop the various aspects of theater t. Today, Agraj Natya Dal is known in this region for its wide variety of activities.

इन वर्षों में अग्रज नाट्य दल ने कई नाटकों का मंचन किया है।
The group has staged many plays in all these years.

अपनी रंगमंचीय सक्रियता के साथ आज ’अग्रज’ में 50 पुरूष और 20 महिला कलाकार हैं, जिसमें समाज के हर क्षेत्र के, हर वर्ग और उम्र के कलाप्रेमी, कलापारखी और थियेटर एक्टिविस्ट्स शामिल हैं।
Today, Agraj has more than 50 male and 20 female artists as its active members, which include people of ages and from all walks of life.

अग्रज की पहचान युवाओं के अघोषित प्रशिक्षण केंद्र के रूप में कार्य करने वाली संस्था के रूप में बन चुकी है, और इसके साथ लगभग 150 बच्चों जुड़ चुके हैं।
Agraj has also gained recognition as the unofficial training center for the youth, with which more than 150 children have been associated.

नटसृजन-2011 - 25-मई-2011 से 15-जून-2011
Copyright © 2007 Data Spec. All rights reserved.
Advertise with Us | Terms of Use | Privacy Policy | Credits | Top of Page | Home
Site optimized for 1024x768 on
Internet Explorer 8 and above